वीर कुंवर सिंह की स्मृति में : मुड़िकटवा - कुशहर में शौर्य दिवस पर फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज
रेवती (बलिया) स्थानीय ब्लाक के कुशहर ग्राम पंचायत के मुड़िकटवा में वीर कुंवर सिंह स्मारक पर समाजसेवी बबलू पांडेय के सौजन्य से आयोजित शौर्य दिवस पर प्रधान चंपा देवी द्वारा 167 वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। तत्पश्चात राष्ट्रीय गीत,भारत माता के जयकारें से पूरा इलाका गूंज उठा। इस अवसर पर आयोजित एक विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि 22 अप्रैल सन 1858 में जगदीशपुर के वीर कुंवर सिंह अंग्रेजों से लड़ते हुए अपने ननिहाल सहतवार के रास्ते गायघाट रेवती आ रहे थे। उधर कैप्टन डगलस अंग्रेज सैनिक के साथ लगातार उनका पीछा करते हुए आ रहा था। वीर कुंवर सिंह की रक्षा के लिए आस पास के गांवों के नागरिकों ने मुड़िकटवा के मुजवानी व खर पतवार के लगे जंगल में अंग्रेज सैनिकों की घेरा बंदी कर तीर धनुष से 107 सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया। अंग्रेज़ सेना के कैप्टन डगलस ने अंग्रेज सैनिकों की मौत पर कहा कि हम तोप व बंदूक,तलवार का सामना कर सकते हैं किन्तु तीर धनुष का इस मुजवानी के जंगल में सामना नही कर सकते। इस दौरान कुंवर सिंह शिवपुर गंगा तट पर सुरक्षित पहुंच गए। नाव से गंगा उस पार जगदीशपुर के लिए प्रस्थान करते समय एक अंग्रेज सैनिक की गोली उनके बांह में लग गई। उन्होंने तुरंत तलवार से बाह को कांट कर गंगा मैया को अर्पित कर दिया। 23 अप्रैल को अत्यधिक रक्तस्राव के चलते जगदीशपुर में उनका निधन हो गया। समाजसेवी बबलू पांडेय के प्रयास से 22 अप्रैल सन 2009 से इस स्थल को पहचान मिली। उसके बाद प्रति वर्ष शौर्य दिवस पर यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाने लगा। ओम प्रकाश कुंवर, लक्ष्मण पांडेय, कौशल सिंह, सतेंद्र सिंह, प्रधान प्रतिनिधि ह्दया वर्मा, सुशील श्रीवास्तव, मन्नू सिंह आदि ने विचार गोष्ठी को संबोधित किया।
पुनीत केशरी


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