मनियर में छाई मायूसी, जमुरिया से हारे टीएमसी विधायक हरे राम सिंह
मनियर (बलिया)। पश्चिम बंगाल के जमुरिया विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के विधायक रहे हरे राम सिंह की हार का असर उनके पैतृक कस्बे मनियर में भी साफ दिखाई दे रहा है। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद क्षेत्र में उदासी का माहौल है।
जमुरिया सीट से टीएमसी प्रत्याशी हरे राम सिंह को भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डॉ. बिजान मुखर्जी के हाथों 22,514 मतों से हार का सामना करना पड़ा। भाजपा प्रत्याशी डॉ. बिजान मुखर्जी को 90,150 वोट मिले, जबकि हरे राम सिंह को 67,636 मत प्राप्त हुए। इसके साथ ही जमुरिया सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज कर ली।
गौरतलब है कि वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में हरे राम सिंह ने करीब आठ हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। इस बार पार्टी ने उन पर फिर भरोसा जताया, लेकिन वे जीत का सिलसिला कायम नहीं रख सके।
हरे राम सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने 1971 से 1975 के बीच Eastern Coalfields Limited (ECL) में मजदूर के रूप में कार्य किया और यहीं से श्रमिक राजनीति में सक्रिय हुए। बाद में उन्होंने कोयला खदान श्रमिक कांग्रेस (केकेएससी) की स्थापना की और मजदूरों के हक के लिए लंबा संघर्ष किया। इसी जनाधार के दम पर वे 2021 में विधायक बने थे।
उनकी हार की खबर मिलते ही मनियर कस्बे में मायूसी छा गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हरे राम सिंह ने मजदूरों और आम जनता के लिए लगातार संघर्ष किया, ऐसे में उनकी हार से क्षेत्र के लोग खुद को निराश महसूस कर रहे हैं।
रिपोर्ट मनु तिवारी


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