रेवती रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा विस्तार कार्य शुरू नहीं होने से क्षेत्रवासियों में आक्रोश
रेवती (बलिया) रेल मंत्रालय द्वारा वर्ष 2026 - 27 के रेल बजट में रेवती रेलवे स्टेशन को पूर्ण विकसित स्टेशन के रूप में परिवर्तित करने के साथ इसके सौन्दर्यीकरण का प्रस्ताव किया जा चुका है। इसके लिए रेवती रेलवे स्टेशन आईबीएस (इन्टरमीडिएट ब्लाक सिग्नलिंग) से ब्लाक सेक्शन में परिवर्तन के लिए 39.04 करोड़ की निविदा 24 मार्च 2025 को बंद की गई थी। निविदा स्वीकृति के संबंध में रेल मंत्रालय से अभी तक स्वीकृति पत्र जारी नहीं होने से क्षेत्रवासियों में स्टेशन पर यात्री सुविधा विस्तार का कार्य को लेकर संशय बना हुआ है।
मार्च 2023 में रेवती रेलवे स्टेशन को स्टेशन से हाल्ट घोषित किए जाने के बाद यह यात्री सुविधा विहिन स्टेशन बन कर रह गया है। अप साईड का प्लेटफार्म नंबर एक समाप्त कर दिया गया। विकलांग, बुजुर्ग, महिलाओं को एक मिनट के ठहराव में ट्रेन में चढ़ने उतरने में काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कंम्पयूटरीकृत की जगह ठेका पर टिकट की बिक्री होती है। टिकट कम पड़ जाने पर बहुत से यात्रियों को वगैरह टिकट के गन्तव्य की यात्रा करनी पड़ती है। एलाउंसमेंट की सुविधा न होने से ट्रेन के आने जाने की जानकारी मोबाइल से करनी पड़ती है। ट्रेनों का संचालन सुरेमनपुर व सहतवार से होता है। दोनों के बीच की दूरी 22 किलो मीटर है। यात्री सेड, पेयजल, शौचालय आदि अपर्याप्त है।
स्टेशन बहाल करो संघर्ष समिति व व्यापार मंडल रेवती के संयुक्त तत्वावधान तत्वावधान में 20 अक्टूबर से 29 दिसंबर को तक पूरे 71 दिनों अनवरत जन आंदोलन चलाया गया। सांसद सलेमपुर रामाशंकर विद्यार्थी द्वारा संसद सत्र से लगाए रेलमंत्री व रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को ज्ञापन देकर जन भावना को देखते हुए स्टेशन बहाल करने की मांग की जा चुकी है।
इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह के प्रतिनिधि शांत स्वरूप सिंह उर्फ गुड्डू सिंह ने बताया कि स्टेशन की स्वीकृति हो चुकी है। कई फेज में कार्य होना है जैसे अतिरिक्त लाईन बिछाने, प्लेटफार्म का ऊंचीकरण, यात्री निवास आदि जैसे कार्य बहुत जल्द शुरू होगा।
पुनीत केशरी


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