श्रीमद्भागवत गीता ज्ञान यज्ञ में वामन अवतार और कान्हा के प्रकट होने का सुनाया गया प्रसंग
गड़वार(बलिया) कस्बा क्षेत्र के करमपुर गांव में चल रही श्री मद्भागवत गीता ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन शनिवार की रात कथा व्यास बालक दास जी महाराज ने भगवान वामन अवतार,राजा बलि और श्री कृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान पंडाल में नंद के आनंद भयो,जय कन्हैया लाल की,के जयकारों से गूंज उठा। बाल कृष्ण के दिव्य स्वरूप की आरती उतारकर उन्हें पालने में झुलाया गया। कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को बताया कि भगवान की भक्ति के लिए सरलता और समर्पण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं,लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। उन्होंने कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने सूर्यदेव की उपासना कर अक्षयपात्र प्राप्त किया। हमारे पूर्वजों ने सदैव पृथ्वी का पूजन व रक्षण किया। इसके बदले प्रकृति ने मानव का रक्षण किया। आज के समय में लोगों को अध्यात्म और संस्कारों से जुड़ने की आवश्यकता है। यज्ञाचार्य अनामानंद महाराज ने कहा कि प्रतिदिन आरती के बाद सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जा रहा है।
रिपोर्ट : डी.पाण्डेय


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