जानें अपना राशिफल
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक - 14 अक्टूबर 2026*
*⛅दिन - बुधवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2083*
*⛅अयन - दक्षिणायण*
*⛅ऋतु - शरद*
*⛅मास - आश्विन*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - चतुर्थी मध्यरात्रि 01:13 तक तत्पश्चात् पञ्चमी*
*⛅नक्षत्र - अनुराधा प्रातः 04:03 अक्टूबर 15 तक तत्पश्चात् ज्येष्ठा*
*⛅योग - आयुष्मान् रात्रि 08:39 तक तत्पश्चात् सौभाग्य*
*⛅राहुकाल - दोपहर 12:13 से दोपहर 01:40 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 06:23*
*⛅सूर्यास्त - 06:02 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:45 से प्रातः 05:34 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:48 से मध्यरात्रि 12:38 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण - विनायक चतुर्थी, सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 06:23 से प्रातः 04:03 अक्टूबर 15 तक)*
*🌥️विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*काम धंधे में सफलता एवं राज योग के लिए*
अगर काम धंधा करते सफलता नहीं मिलती हो या विघ्न आते हों तो शुकल पक्ष की अष्टमी हो.. बेल के कोमल कोमल पत्तों पर लाल चन्दन लगा कर माँ जगदम्बा को अर्पण करने से .... मंत्र बोले *" ॐ ह्रीं नमः । ॐ श्रीं नमः । "* और थोड़ी देर बैठ कर प्रा
र्थना और जप करने से राज योग बनता है गुरु मंत्र का जप और कभी कभी ये प्रयोग करें नवरात्रियों में तो खास करें | देवी भागवत में वेद व्यास जी ने बताया है
डेस्क


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