ऐसा गांव जहां है बापू का मंदिर, रोज होती है पूजा
रायपुर । ओडिशा के संबलपुर के नजदीक भत्रा गांव है।यहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का मंदिर है और सुबह-शाम पूजा और रामधुन गूंजती है। 46 साल से लोग गांधीजी को भगवान के रूप में पूज रहे हैं। गांधी मंदिर इस गांव का ऐसा मंच है, जहां घरेलू विवाद से लेकर पड़ोसियों तक के झगड़े निपट रहे हैं। यहां से युवाओं को अपराध और नशा नहीं करने की सीख दी जा रही है।
गांव में नई-नवेली बहू ससुराल में कदम रखने से पहले आशीर्वाद लेने के लिए गांधी मंदिर जाती हैं। गांधीजी के विचारों का असर इतना है कि आपसी सौहार्द ने छुआछूत जैसी समस्याओं को जड़ से खत्म कर दिया है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर हाथ में तिरंगा लिए भारत माता की प्रतिमा है। भीतर हाथ पर गीता लिए गांधीजी की बैठी हुई प्रतिमा है।
जबकि ओडिशा के आराध्य देव श्रीजगन्नाथ की प्रतिमा भी है।
भत्रा के पहले विधायक अभिमन्यु कुमार ने मंदिर की नींव रखी और लोगों काे साथ लेकर 11 अप्रैल 1974 में इसे बनवाया। उनके बेटे प्रमोद कुमार ने बताया कि आजादी के बाद यहां छुआछूत बहुत थी। गांधीजी 1928 में इसे खत्म करने के अभियान को लेकर यहां भी आए थे। यहां लोगों को मंदिरों में प्रवेश व पूजा की अनुमति नहीं थी। तब मेरे पिता ने गांधीजी का मंदिर बनाने का निर्णय लिया।
डेस्क


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