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एक मार्च को होनी थी शादी, पहुंचा दिया शमशान



लखनऊ। उत्तर प्रदेश के रायबरेली  जिले में पुलिस ने 29 फरवरी को सारिका हत्याकांड का चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि सारिका की हत्या उसके होने वाले पति ने अपने ममेरे भाई के साथ मिलकर की थी। बता दें कि दोनों की शादी रविवार (1 मार्च) को होनी थी, लेकिन शादी के पहले ही आरोपी युवक ने उसे रास्ते से हटा दिया।

एसपी स्वप्निल ममगाई ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मूल रुप से उन्नाव जनपद के मौरावां थाना क्षेत्र के भइयाखेड़ा गांव की रहने वाली 24 वर्षीय सारिका देवी बचपन से अपनी बुआ कलावती के घर रायबरेली के सुल्तानपुर खेड़ा गांव में रहती थी। युवती की शादी हरचंदपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले मनोतोष कुमार यादव उर्फ बउवा पुत्र रामशंकर के साथ तय हुई थी। दोनों की शादी एक मार्च को होनी थी।

बीते 25 फरवरी को आरोपी युवक ने शादी की शापिंग करने के लिए सारिका को रायबरेली शहर बुलाया था। अगले दिन 26 फरवरी को उसका शव बड़ईपुरवा गांव के बाहर मिला। उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। फूफा राम कुमार ने इस बाबत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तफ्तीश बढ़ाई तो पता चला कि, सारिका को आखिरी बार उसके मंगेतर मनोतोष यादव के साथ देखा गया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

मनोतोष ने बताया कि, वह सारिका को खरीदारी कराने के लिए बाजार ले गया था। जहां से उसे रतापुर में एक खाली घर में ले गया। जहां उसने सारिका को सल्फाश की गोलियां खाने के लिए मजबूर किया और फिर गला दबाकर मार दिया। फिर अपने मेमेरे भाई रवींद्र की मदद से उसके शव को गांव के बाहर ले जाकर फेंक दिया। उसने बताया कि, सारिका स्कूटी की डिमांड कर रही थी ताकि वह अपनी नर्सिंग कॉलेज जा सके।
सारिका का मोबाइल गायब होना और आरोपी युवक द्वारा लगातार पुलिस को गुमराह करने पर पुलिस को शक हो गया। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से कॉल डिटेल खंगाली तो आरोपी युवक सारिका के पास रहने का लोकेशन मिला। पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयोग की गई बाइक और नींद की गोली का रैपर और सल्फास की डिब्बी बरामद की है।

पुलिस ने बताया कि, चार साल पहले मनोतोष ने सारिका को डॉक्टर बनाने का झांसा देकर अपने प्रेमजाल में फंसाया था। शुरुआती दौर में उसने ही रुपए भी खर्च किए। लेकिन बाद में किसी अन्य महिला से नजदीकी होने के कारण वह सारिका से दूरी बनाने लगा। लेकिन दोनों के बीच के संबंध सार्वजनिक हो गए तो दोनों परिवारीजनों के दबाव में शादी तय कर दी गई। एक तारीख को शादी होनी थी।




डेस्क

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