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छात्र की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने शव रखकर किया सड़क जाम


10 लाख रुपये परिजन को देने का एसडीएम ने किया घोषणा

बैरिया (बलिया): लालगंज -बैरिया मार्ग पर स्थित एक विद्यालय में लंच के समय ट्रैक्टर से दबकर 12 वर्षीय छात्र अवनीश तिवारी पुत्र बबलू तिवारी (12) निवासी श्रीपालपुर की शनिवार को लंच के समय ट्रैक्टर से धक्का लग जाने के कारण मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को लाकर भुवाल छपरा चट्टी (श्रीपालपुर) समीप सड़क पर रखकर शनिवार की शाम सात बजे जाम कर दिया। जाम की सूचना पाते ही पुलिस प्रशासन का हाथ-पांव फूलने लगा। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के भी नारे लगाए। कुछ ही पल में दोकटी पुलिस के अलावा बैरिया, जयप्रकाशनगर पुलिस चौकी आदि स्थानों से भारी संख्या में फोर्स मौके पर पहुंच गई और धरना समाप्त करने के लिए काफी देर तक धरनारत लोगों से आग्रह करती रही किंतु ग्रामीण जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के मौके पर आने की जिद पर अड़े रहे। कुछ देर के बाद उपजिलाधिकारी अशोक चौधरी व पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे।
उपजिलधिकारी मौके पर पहुंचते ही जिलाधिकारी को फोन कर परिस्थिति से अवगत कराने के बाद आग्रह किया कि यह गरीब परिवार का एकलौता लड़का था, इसके परिजन को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख रुपये दिलाने का आग्रह किया। जिलाधिकारी के संस्तुति के बाद धरनारत लोगों के बीच बैठकर मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 10 लाख रुपये दिलाने की बात कही। एसडीएम ने कानूनगो व लेखपाल को निर्देशित किया कि राहत सहायता का कागजात हर हाल में तैयार कर रविवार को 10 बजे से पूर्व मिल जाना चाहिए। वहीं क्षेत्राधिकारी ने धरनारत लोगों को बताया कि संबंधित ट्रैक्टर व चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिस पर लगभग रात एक बजे धरनारत लोगों को किसी तरह समझा कर एसडीएम व क्षेत्राधिकारी ने धरना समाप्त कराया।
धरनारत लोगों में मृतक के पिता सुधाकर तिवारी उर्फ बब्लू, दिवाकर तिवारी, कमलेश तिवारी, उमेश तिवारी, सोनू तिवारी, श्रीभगवान यादव, धर्मपाल सोनी, छोटक सोनी, धर्मनाथ ठाकुर, महेश बारी, मनोज उपाध्याय, पुकार यादव, रंजन तिवारी, भिखारी तिवारी, संतोष तिवारी, प्रमोद तिवारी सहित सैतड़ों लोग मौजूद थे।  
थानाध्यक्ष दोकटी अमित कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा संबंधित ट्रैक्टर व चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

                                                  
 पूरे गांव में छाया रहा मातम, नहीं जले चूल्हे

छात्र अवनीश तिवारी के मौत के बाद श्रीपालपुर गांव में किसी के घर में नहीं जले चूल्हे। पूरे गांव में छाया रहा मातम। वहीं ग्रीमीणों में इस  बात का आक्रोश था कि घटना के संबंध में गुमराह किया गया और बताया गया कि घटना छुट्टी के बाद घर जाते समय सड़क दुर्घटना में हुई है जबकि छात्र की मौत लंच के समय ट्रैक्टर से दबकर हुई थी। मृतक अवनीश की बहन भी साथ पढ़ने जाती थी। उसने घर जाकर परिजनों से बताया कि भैया के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ गया था। अगर मृतक की बहन हकीकत नही बताती तो विद्यालय प्रशासन इस राज को राज ही रहने देता जबकि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन की होती है।


                                               
जब रो पड़े एसडीएम

एसडीएम अशोक चौधरी ने जब धरनारत लोगों को समझाने बैठे तो वे भी भावुक हो गए और वह फूट-फूट कर एसडीएम रोने लगे। उन्होंने कहा कि यह घटना इतनी विभीत्स है कि इससे विभीत्स घटना नहीं हो सकती है, और न ही इसकी भरपाई हो सकती है किंतु मेरा प्रयास रहेगा कि इस परिवार को आर्थिक सहायता के साथ न्याय मिले, इसके लिए एक टीम गठित की जाएगी। जिसमें मेरे अलावा क्षेत्राधिकारी, एसओ दोकटी, एसओ बैरिया को शामिल किया जाएगा।



रिपोर्ट : वी चौबे

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