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... और नेता विपक्ष को लिखना पड़ा स्मरण पत्र



बलिया। कोरोना वायरस बढ़ते प्रकोप को देखते हुए बचाव को ही इलाज बताया जा रहा है। ऐसे में कोरोना की महामारी के बीच  सरकार और आम जनता के बीच सेतु का काम कर रहे मीडियाकर्मियों की उत्तर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने सुधि ली थी। उन्होंने अपने गृह जिले बलिया में काम कर रहे मीडियाकर्मियों के लिए एक लाख रुपए प्रस्तावित किया था। जिससे मास्क, सेनेटाइजर व अन्य उपकरणों की खरीद की जानी थी लेकिन अभी तक जिला प्रशासन मीडिया के लोगों को ये वस्तुएं उपलब्ध नहीं करा सका है। जिससे क्षुब्ध होकर नेता प्रतिपक्ष ने शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी को स्मरण पत्र लिखा है।

रामगोविन्द चौधरी ने सीडीओ को लिखे पत्र में कहा है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड - 19) की महामारी से सभी भयभीत हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर दिनरात घूम-घूमकर जनता की समस्याओं से सरकार व प्रशासन को अवगत करा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि कुछ मीडियाकर्मी अल्प वेतनभोगी हैं, जबकि कुछ को मानदेय भी नहीं मिलता। इनके जान पर जोखिम बना हुआ है। मानवीय आधार पर विधायक निधि से एक लाख रुपए बांसडीह विधानसभा क्षेत्र समेत जनपद के मीडियाकर्मियों को मास्क, सेनेटाइजर, साबुन व अन्य बचाव उपकरण के लिए प्रस्तावित किया था। अभी तक उक्त समान वितरित नहीं किए गए। इसे तत्काल वितरित कराएं। उक्त पत्र की जानकारी समाचार पत्रों को सुशील कुमार पांडेय 'कान्हजी' निवर्तमान प्रवक्ता समाजवादी पार्टी बलिया ने दिया।
             


रिपोर्ट : धीरज सिंह

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