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राजनीति हो या पत्रकारिता का क्षेत्र दोनों में ही एक तरह की स्थिति से पड़ता है गुजरना : विधायक सुरेंद्र सिंह


बैरिया (बलिया) :  राजनीति हो या पत्रकारिता का क्षेत्र दोनों में ही एक तरह की स्थिति से गुजरना पड़ता है। समाज की बहुत बड़ी जिम्मेदारी लेकर चलनी होती है। ऐसे में एक जनप्रतिनिधि और पत्रकारों के जीवन में हर दिन ऐसे मोड़ आते हैं, जहां उन्हें असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में भी जो लोग अपने कर्तव्य या धर्म का सच्ची निष्ठा से निर्वहन करते हैं, एक न एक दिन पूरा समाज उसका हितैषी जरूर होता है। यह बातें विधायक सुरेंद्र सिंह ने कही। वह रविवार को लालगंज में पत्रकारों के लिए मीडिया सेंटर का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। 



इस मौके पर पत्रकारों की ओर से रवींद्र सिंह, अखिलेश पाठक, विद्याभूषण चौबे, मुखिया जी तिवारी, अरविंद पाठक आदि ने विधायक को तलवार और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। वहीं विधायक ने लालगंज में 15 लाख की लागत से भव्य मीडिया सेंटर का निर्माण कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मार्च तक पत्रकार वर्ग जमीन तलाश लें, उसके बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। 

             विधायक ने वर्तमान सामाजिक माहौल का उल्लेख करते हुए कहा कि दल से अलग हट कर मै अपनी बात कहूं तो समाज में दो तरह के लोग हैं, एक समाज में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले और दूसरे भ्रष्टाचार को मिटाने वाले। आज के परिवेश जिनकी नींव ही जातिवाद पर टिकी है, वही लोग मुझे जातिवादी होने का सर्टिफिकेट दे रहे हैं। ऐसे लोगों को आकर मेरे विधान सभा में पड़ताल करने की जरूरत है। उन्होेंने कहा मैने लगभग 85 लाख रुपये असहाय लोगों के उपचार के लिए मदद में दी है। उस लिस्ट में क्षत्रिय या बाम्हण तो मात्र 20 फीसद होंगे। 80 फीसद संख्या पिछड़ी और यादव जाति के लोगों की है। मै मानवता का पूजारी हूं। जिन लोगों ने मुझे वोट दिया है मै उनका विधायक हूं तो जो मुझे वोट नहीं दिए, उनका भी मै ही विधायक हूं। 


मेरी जंग समाज के ऐसे लोगों से है जो अपनी दबंगई के दम पर गरीबों का धन हड़पने की नीयत रखते हैं। उन्होंने कहा कि चांददियर पुलिस चौकी जो सपा के कार्यकाल में मलाईदार चौकी के नाम से प्रसिद्ध थी। वहां की वसूली का पैसा जनप्रतिनिधियों तक जाता था। परवल की लत्ती, भूंसा या अन्य सामान लेकर आने-जाने वालों को चढ़ावा देना पड़ता था। नाच-गान की पार्टी भी यदि किसी की बारात में आती थी तो वहां बिना चढ़ावा लिए पुलिस आगे नहीं बढ़ने देेते थे। आज जाकर वहां की स्थिति देख लें। 


कोटेदार जो पहले गरीबों के राशन को अपनी संपत्ति समझते थे, आज हर जगह गरीब वर्ग आसानी से अपना हक ले रहे हैं। मेरे जीवन का मतलब ही यही है कि जब तक भी बैरिया का सेवक रहूं, कहीं किसी पर कोई अत्याचार नहीं होने दूंगा। अत्याचारी चाहे कोई पुलिस अधिकारी हो या नेता या गांव का कोई दबंग, उससे  सुरेंद्र अवश्य टकराएंगे। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि परमेश्वर गिरी, इंटक के विनोद सिंह, धर्मवीर उपाध्याय, सुरेंद्र सिंह, शंकर दयाल सिंह, शंकर भगवान तिवारी, ग्राम प्रधान दया शंकर पाठक, प्रधान वीरेन्द्र यादव, प्रधान प्रतिनिधि अमित कुमार सिंह, अजय कुमार राम ने भी विधायक को माला पहनाकर स्वागत किया। 

इस मौके पर राजू मिश्र,राजनारायण सिंह,रवींद्रनाथ मिश्र,बीरेंद्र मिश्र,शैलेष सिंह,धीरज सिंह विद्याभूषण चौबे,दयाशंकर तिवारी मुखिया,अरविंद पाठक,करुणा सिंघु द्विवेदी,रमेश पांडेय,विवेक पाण्डये आदि लोग रहे अखिलेश पाठक ने आभार व्यक्त किया।अध्यक्षता पूर्व प्रधान मुरारपुट्टी पुरुषोत्तम नाथ तिवारी व संचालन शिवदयाल पांडेय मनन ने किया।



दुर्जनपुर की घटना में भी खुलकर सामने आई जातिवादी मानसिकता


विधायक ने दुर्जनपुर की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां की घटना में भी सपा की जातिवादी मानसिकता सामने आई है। वहां के बवाल में मृत उसी जयप्रकाश पाल के संबंध में वहीं के लोग बताते हैं कि वह एक तिवारी परिवार के साथ अत्याचार की सारी सीमाओं का पार कर दिया था। अभी भी वहां कब्जे की जमीन असल लोगों को नहीं मिल पाई है। वैसे लाेगों को महानता की सूची में कभी भी शामिल नहीं किया जा सकता। घटना के दिन भी उसकी ओर से बड़ी तैयारी पहले से किए जाने की बात सामने आ रही है। मै गलत लोगों काे कभी बढ़ावा नहीं देेता। उस घटना की जांच हो रही है। उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की जा रही है। घटना की सच्चाई परत दर परत सभी के सामने आएगी।



रिपोर्ट : वी चौबे




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