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नदी उगल रही है सोने-चांदी के सिक्के! खजाने की तलाश में खुदाई में जुटे लोग

 



भोपाल। मध्य प्रदेश के राजगढ़ में कुछ मछुआरों को पार्वती नदी में कुछ सिक्के मिले। यह खबर ऐसी फैली की फैली की आसपास के सैकड़ों ग्रामीण यहां पहुंच गए और खजाने की तलाश में जुट गए। नदी से सोना चांदी मिलने की अफवाह के बाद पिछले आठ दिनों से लोग नदी की खुदाई में जुटे हैं। कुछ लोगों ने तो यहीं रहने के लिए टेंट तक बना लिया है। एक स्थानीय ने बताया कि 8 दिन पहले कुछ मछुआरों को यहां पर सिक्के मिले थे, जब ये बात सभी को पता चली तो लोग यहां आने लगे। अब काफी लोग यहां खुदाई कर रहे हैं और सोने-चांदी के सिक्कों की तलाश में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी राजस्व विभाग को लगी तो एक पटवारी छानबीन करने पहुंचा था, पटवारी ने लोगों को समझाया, लेकिन इसके बाद भी ग्रामीण नदी खोदने में लगे रहे।

शिवपुरा गांव सीहोर और राजगढ़ जिले की सीमा पर स्थित है। पार्वती नदी इन दोनों जिलों के बीच से बहती है। बताया गया कि 8 दिन पहले कुछ मछुआरों को यहां पर सिक्के मिले थे, जब ये बात सभी को पता चली तो लोग यहां आने लगे। यह बात जंगल में आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई और एक के बाद एक सैकड़ों ग्रामीण पार्वती नदी में खजाना ढूंढने पहुंच गए। पिछले आठ दिन से पार्वती नदी में बड़ी संख्या में लोग जमे हुए हैं। ठंड के बावजूद बच्चे और महिलाएं भी यहां मौजूद हैं। सभी अलग-अलग जगह नदी में खुदाई कर रहे हैं।

आठ दिनों से नदी की खुदाई में जुटे ग्रामीणों की सूचना पर सीहोर पुलिस भी जांच करने पहुंची थी। जांच के बाद पुलिसकर्मियों ने भी ग्रामीणों को समझाया कि यह अफवाह है, नदी सोने-चांदी के सिक्के नहीं उगल रही। हालांकि, ग्रामीणों को पुलिसकर्मियों की बात नहीं समझ आई, वह सूखी नदी को खोदने में जुटे रहे।

बता दें, पार्वती नदी के किनारे मराठा राजा नाना साहब की समाधि है। बताते हैं कि रियासत समय में मुगल इसी रास्ते से निकले थे। लोगों का मानना है कि उसी समय यह सिक्के उन्होंने या तो यहां रखे होंगे या फिर गिर गए होंगे। कुरावर के नायब तहसीलदार विकास रघुवंशी के मुताबिक, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें वहां पहुंची थीं, लेकिन ऐसा कुछ मिला नहीं। उन्‍होंने कहा कि इस संबंध में भी जांच की जा रही है कि सिक्के मिले तो किसको मिले और नहीं मिले तो यह अफवाह कहां से फैली।

डेस्क

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