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जानें अखिलेश यादव व डिंम्पल यादव की लवस्टोरी

 


लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को कौन नहीं जानता है। वह देश के एक जाने-माने राजनेता हैं और उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। 47 वर्षीय अखिलेश समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं। उन्होंने राजस्थान मिलिट्री स्कूल धौलपुर से प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की है, जबकि मैसूर के एस. जे. कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से स्नातक किया है और उसके बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया चले गए, जहां उन्होंने सिडनी विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। उनकी प्रेम कहानी तब शुरू हुई थी, जब वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे।

अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव की लव स्टोरी किसी फिल्मी प्रेम कहानी से बिल्कुल भी कम नहीं है।पहली बार उनकी मुलाकात तब हुई थी, जब अखिलेश 21 साल के थे जबकि डिंपल महज 17 साल की थीं। दोनों की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के घर पर हुई थी और फिर बाद में दोनों एक अच्छे दोस्त बन गए और बाद में ये दोस्ती प्यार में बदल गई।

सुनीता एरन ने अखिलेश यादव की जिंदगी पर एक किताब भी लिखी है, जिसका नाम 'अखिलेश यादव - बदलाव की लहर' है। इस किताब में उन्होंने अखिलेश की निजी जिंदगी से जुड़ी कई अहम बातें भी बताई हैं। किताब के मुताबिक, अखिलेश और डिंपल दोस्त से मिलने का बहाना बनाकर एक-दूसरे से छुप-छुपकर मिलते थे।

किताब के मुताबिक, सिडनी जाने के बाद भी अखिलेश और डिंपल लगातार संपर्क में रहे। अखिलेश डिंपल को लव लेटर्स भी लिखते थे और ग्रीटिंग कार्ड्स भी भेजते थे। यह सिलसिला करीब चार सालों तक चला। जब अखिलेश अपनी पढ़ाई पूरी कर वापस उत्तर प्रदेश लौटे तो उन्होंने डिंपल से शादी करने का मन लगभग बना लिया था।

कहते हैं कि मुलायम सिंह यादव अखिलेश और डिंपल की शादी के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन अखिलेश भी डिंपल से शादी करने के लिए अड़ गए थे। आखिरकार बहुत सोच-विचार के बाद मुलायम सिंह यादव उनकी शादी को मान गए, जिसके बाद 24 नवंबर 1999 को दोनों शादी के बंधन में बंध गए। डिंपल उत्तराखंड के निवासी रहे लेफ्टिनेंट कर्नल एससी रावत की बेटी हैं।

अखिलेश यादव और डिंपल के तीन बच्चे हैं, जिनके नाम अदिति, टीना और अर्जुन हैं। इसमें टीना और अर्जुन जुड़वा हैं। शादी के बाद डिंपल ने भी राजनीति में किस्मत आजमाई, जहां उन्हें जीत भी मिली और हार भी। उन्हें पेंटिंग और घुड़सवारी का शौक है। वह कन्नौज से लगातार दो बार सांसद रह चुकी हैं। 



डेस्क



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