Breaking News

Akhand Bharat

भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती,नींद पूरी न होने से लोगों में बढ़ रही डिप्रेशन की बीमारी


 



रतसर (बलिया):प्रचण्ड गर्मी में हो रही विद्युत कटौती से सभी लोग परेशान है। इस समय तापमान 42 डिग्री से कमोबेश अधिक ही चल रहा है। उसके बावजूद विद्युत विभाग द्वारा अघोषित विद्युत कटौती से लोगों का जीना दूभर हो गया है। कहने को तो राज्य सरकार का फरमान ग्रामीण इलाकों में अट्ठारह घण्टे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित किया जाना है पर वास्तविकता के धरातल पर छह से सात घण्टे भी विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से नही मिल पा रही है। गांवों को 18 घण्टे विद्युत आपूर्ति किए जाने का फरमान हवा हवाई साबित हो रहा है। विद्युत उपकेन्द्र रतसर की हालत और भी खस्ता हाल है। यहां पर करमौता वाया सिकन्दरपुर होकर उपकेन्द्र पर बिजली आती है। लम्बी दूरी के कारण बीच में कभी क्रासआर्म से तार उतर जाता है तो कभी ओवरलोडिंग के चलते छ: पोल से तार टूटकर गिर जाता है। विगत 24 घंटे में महज 4 से 5 घंटे ही उपभोक्ताओं को बिजली मिल पायी। मंगलवार को दिन भर विद्युत आपूर्ति बाधित रही । किसी तरह से रात में बिजली आई तो आंख-मिचौनी करते- करते सुबह में सिकन्दरपुर क्षेत्र में जम्फर कटने के कारण विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। क्या बूढ़े क्या बच्चे सभी बिजली कटौती से परेशान है। रात में मच्छरों का प्रकोप तो उपर से बिजली की कटौती जिससे नींद पूरी नही हो पा रही है। नींद के पूरा नही होने से लोग डिप्रेशन के शिकार हो रहे है। महंगी बिजली बिल के बावजूद विद्युत आपूर्ति सूचारू रूप से नही मिल पा रही है जो किसी दिन विभाग के लिए घातक होगी। अवर अभियन्ता जितेन्द्र कुमार ने बताया कि उपर से ही बिजली कम मिल पा रही है ऐसे में जो उपलब्ध हो रहा है वह आपूर्ति की जा रही है। गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने के कारण ओवर लोडिंग के चलते करमौता से रतसर के बीच कभी- कभी फाल्ट हो जा रहा है। इस बावत एसडीओ हरिओम गुप्ता ने बताया कि पहराजपुर विद्युत उपकेन्द्र चालू करने की कवायद शुरू हो चुकी है। इससे रतसर विद्युत उपकेन्द्र का लोड बहुत हद तक कम हो जाएगा साथ ही जर्जर तार बदलने के लिए उच्चाधिकारियों से बात हो चुकी है आने वाले कुछ दिनों में उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति सुचारू ढंग से मिलने लगेगी ।

रिपोर्ट : धनेश पाण्डेय

No comments