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दसवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम वीर लोरिक स्टेडियम में हुआ आयोजित




*बतौर मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री ने कार्यक्रम में किया प्रतिभाग, जनपद के नामित नोडल भी हुए शामिल*


*प्रभारी मंत्री ने योग प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को किया पुरस्कृत*



*जिलाधिकारी सहित जिलास्तरीय अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में की भागीदारी*


बलिया। जनपद में दसवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम वीर लोरिक स्टेडियम में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में जनपद के प्रभारी मंत्री व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश दयाशंकर मिश्र 'दयालु' जी मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। प्रभारी मंत्री ने महर्षि पतंजलि की फोटो पर पुष्पांजलि अर्पित किया और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के लिए नामित नोडल आवास आयुक्त बलकार सिंह भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में योग प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न प्रकार के सामूहिक योगाभ्यास, आसन और प्राणायाम कराया गया। हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस योग दिवस की थीम *स्वयं और समाज के लिए* है। यहां पर प्रभारी मंत्री द्वारा योग सप्ताह पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे रंगोली, निबंध, भाषण, योगासन और स्लोगन,के विजेताओं को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर पुरस्कृत भी किया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामविचार पांडेय को प्रभारी मंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर का मोमेंटो भेंट किया। जिलाधिकारी ने भी प्रभारी मंत्री को काशी विश्वनाथ मंदिर की मोमेंटो देकर सम्मानित किया।आयुष विभाग,बलिया द्वारा सामूहिक योग दिवस में शामिल सभी लोगों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की टी-शर्ट प्रदान किया गया ।


प्रभारी मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि योग विधा भारत के द्वारा संपूर्ण विश्व और मानव सभ्यता को सबसे बड़ी देन है। यह भारत की प्राचीन सनातन संस्कृति का हिस्सा है। यह उत्तर प्रदेश के लिए विशेष गौरव की बात है क्योंकि योग के प्रणेता महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली उत्तर प्रदेश और कर्मभूमि काशी है। साल 2015 से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। साल के 365 दिनों में आज का दिन सबसे लंबा होता है।उन्होंने कहा कि आज दुनिया के 200 से अधिक देशों में भारत की इस सनातन विधा को स्वीकृति मिली है और सभी ने इसे सहर्ष स्वीकार किया है। आज सारे विश्व में चाहे वह लंदन की बिगवेन घड़ी, अमेरिका का टाइम्स स्क्वायर या फ्रांस का एफिल टावर हो, इस योग की विधा से संसार का कोई भी कोना अछूता नहीं है। कहा कि आप लोगों को जानकर हैरानी होगी कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस संयुक्त राष्ट्र संघ में सर्वाधिक मतों से पास होने वाला प्रस्ताव है। उन्होंने वहां उपस्थित सभी लोगों से अपील किया कि शरीर को निरोग रखने के लिए योग को अपने जीवन शैली में शामिल करें और प्रतिदिन योग करने का संकल्प लें। कहा कि स्वस्थ मन और स्वास्थ्य शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है इसलिए हमारे आने वाले कल को बेहतर बनाने के लिए योग जरूरी है, तभी हम एक बार फिर विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर होंगे।


भाजपा जिलाध्यक्ष संजय यादव ने कहा कि योग भारत की महत्वपूर्ण विरासत है। यह हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अति आवश्यक है। अगर हम नियमित रूप से योग करें तो हमारा शरीर और मन दोनों ही स्वस्थ रहेगा।

नोडल अधिकारी बलकार सिंह ने कहा कि देश के लिए यह गौरव की बात है कि योग को अंतरराष्ट्रीय दिवस का दर्जा प्राप्त हुआ है। योग के प्रचार प्रसार से भारत के सांस्कृतिक इतिहास के बारे में पूरा विश्व जान गया है और उससे पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिला है।

जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने कहा कि योग हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।यह दिवस इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं कि जो लोग योग से नहीं जुड़े हैं, उनको इस दिन योग से जुड़ने का मौका मिलता है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विजय पति द्विवेदी, परियोजना निदेशक उमेश मणि त्रिपाठी, जिला होम्योपैथिक अधिकारी एनपी सिंह, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी और जनपद के लोग मौजूद रहे।



By- Dhiraj Singh

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