चर्चित गायघाट घटना में आया अब नया मोड़, आरोपित प्रधान के भाई ने मामले में साजिश के तहत भाई को फसाएं जाने का लगाया आरोप
रेवती (बलिया) पुलिस की कथित पिटाई से इलाज के दौरान मृत कामजी गोंड के मामले में आरोपित ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह लालू के भाई विक्की सिंह ने बताया कि 8 जुलाई को मेरे भाई आशुतोष सिंह की रेवती थाना के किसी पुलिस कर्मी से कोई वार्तालाप नही हुई है। शाम 3 बजे आशुतोष अपनी स्कार्पियो गाड़ी से बलिया निकल गए थें। वहा सरकारी गोदाम से शराब लोड कर कोरंटाडीह भरौली अपनी शराब की दुकान पर चले गए। रात 12 बजे वहां से घर लौट आए।
विक्की सिंह ने आरोप लगाया कि घटना के दिन 8 जुलाई को साढ़े तीन बजे दिन में थाना से मेरे मोबाइल पर फोन आया कि प्रधान जी कहा है। मैंने बताया कि प्रधान जी यहां गांव पर नहीं है। तो मेरे मोबाइल पर पुलिस द्वारा कहा गया कि आपके गांव का एक आदमी मनीष यादव थाना पर मौजूद हैं। एक व्यक्ति काम जी गोंड को उसके जिम्मे सुपुर्द कर दिया गया है। उसे घर भेजवा दीजिएगा। उस दिन मैं काम मे अन्यत्र व्यस्त था। काम जी गोंड को मनीष यादव को सुपुर्द किए जाने के बाद वह ज्ञान्ती देवी बालिका विद्यालय के पीछे के रास्ते ठगनी माई के मठिया पर आया। आगे बाईक का रास्ता न होने के कारण काम जी कहने लगे कि मैं स्वयं चला जाऊंगा। मनीष यादव उनको वही छोड़ कर वापस लौट गया। गवई राजनीति के चलते मेरे भाई को बेवजह मामले में फंसाया गया है।
पुनीत केशरी


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